Thomas Edison Biography, Age, Inventions, Family in Hindi - थॉमस एडिसन की जीवनी
हमारी सबसे बड़ी कमजोरी हार मान लेना है सफल होने का सबसे निश्चित तरीका है एक और बार प्रयास करना ऐसा कहना है बिजली के बल्ब के आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन का । जिन्होंने एक हजार से ज्यादा बार की असफलता के बाद बिजली के बल्ब का क्रांतिकारी आविष्कार किया था । आज हम आप को इस महान वज्ञानिक के जीवन काल के बारे में बताने वाले हैं। तो चलिए दोस्तो इस महान वज्ञानिक की रोचक जीवनी को हम शुरू से जानते हैं ।
हमारी सबसे बड़ी कमजोरी हार मान लेना है सफल होने का सबसे निश्चित तरीका है एक और बार प्रयास करना ऐसा कहना है बिजली के बल्ब के आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन का । जिन्होंने एक हजार से ज्यादा बार की असफलता के बाद बिजली के बल्ब का क्रांतिकारी आविष्कार किया था । आज हम आप को इस महान वज्ञानिक के जीवन काल के बारे में बताने वाले हैं। तो चलिए दोस्तो इस महान वज्ञानिक की रोचक जीवनी को हम शुरू से जानते हैं ।
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| Thomas Edison |
Thomas Edison's Profile :
| Bio | |
| Name | Thomas Alva Edison |
| Nick Name | Thomas |
| Profession | Seinctist |
| Personal Life | |
| Date of Birth | 11 February 1847 |
| Date of Death | 18 October 1931 |
| Age | 84 Year |
| Nationality | American |
| Home Town | New Jersey, America |
| Birth Palace | Milan, America |
| Adress | New Jersey, America |
| Education | |
| School | N/A |
| College | N/A |
| Qualification | Self Educated |
| Family | |
| Father | Samuel Ogden Edison |
| Mother | Nancy Matthews Elliott |
| Brother | Not Known |
| Sister | Not Known |
| Marriage Life | |
| Marriage Status | Married |
| Marriage Date | 25 December 1871 (Mary Stilwell) 24 February 1886 (Mina Miller) |
| Wife Name | Mina Miller, Mary Stilwell |
| Son | Marion Estelle Edison William Leslie Edison |
| Daughter | N/A |
| Other | |
| Religion | Not Known |
| Hobbies | Not Known Not Known |
| Caste | Not Known |
| Social Media Accounts | |
| Google Plus | Not Available |
| Not Available | |
| Wikipedia | Not Available |
| Not Available | |
| Not Available | |
| Not Available | |
| Not Available | |
| Snapchat | Not Available |
Thomas Edison Biography, Age, Inventions, Family in Hindi - थॉमस एडिसन की जीवनी
थॉमस एडिसन (Thomas Edison ) का जनम और बचपन
Thomas Alva Edison का जन्म 11 फरबरी 1847 को अमेरिका के मिलन शहर में हुआ। उन के पिता का नाम सेमुअल एडिसन और माता का नाम नेंसी मैथु था। थॉमस एडिसन अपने सात बहन भाईओ
में से सब से छोटे थे। थॉमस को बचपन मे ही स्कूल से निकल दिया गया था। उनोह ने कुछ समय तक
अपनी पढ़ाई आर.जी. पार्कर स्कूल से और दी कूपर यूनियन स्कूल ऑफ़ साइंस एंड आर्ट से ग्रहण की । स्कूल में वह टीचर से बहुत ज्यादा प्रश्न पूछते थे। जिस से सभी टीचर उस से चिड़े रहते थे।स्कूल के दिनों में इनका दिमाग बहुत ही भ्रमित रहता था वह अपने में ही कहीं खोए हुए रहते थे और टीचर्स की बातों को ध्यान नहीं देते जिसकी वजह से उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया और फिर उनकी मां ने एडिशन को घर पर ही पढ़ाना शुरू किया ।
थॉमस एडिसन को पागल क्यों समझा जाता था ?
थॉमस अल्वा एडीसन को बचपन में सनकी और पागल समझा जाता था बचपन में वह अजीबोगरीब हरकतों के लिए जाने जाते थे । कहा जाता है कि एक बार एक चिड़िया को कीड़े मकोड़े खाते देख उन्होंने यह सोचा कि उड़ने के लिए शायद कीड़े खाना जरूरी है उसके बाद उन्होंने कुछ कीड़ों को इकट्ठा कर लिया और उसका घोल बनाकर उसे अपने दोस्त को पिला दी वह देखना चाहते थे कि उनका दोस्त इसके बाद उड़ सकता है या नहीं बाद में दोस्त बीमार पड़ गया जिससे उन्हें बहुत डांट सुननी पड़ी थी ।
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| Childhood Thomas Edison |
Thomas Edison Inventions - थॉमस एडिसन की खोजें
थॉमस अल्वा एडिसन बहुत कम सोते थे 15 साल की उम्र में उन्होंने एक प्रयोगशाला बनाई और वहीं से उन्होंने रिसर्च करना शुरू कर दिया । उन्हें समाज और लोगों की परवाह किए बिना अपने खोज में लगे रहे और देखते ही देखते उन्होंने हजारों असफलताओं के बाद बल्ब का आविष्कार किया और इस दुनिया को रोशनी से चकाचौंध कर दिया । जिसकी वजह से दिन में कामकाजी घंटे बढ़ गए पढ़ने काम करने और खेलने के लिए ज्यादा समय मिलने लगा बल्ब के आविष्कार के अलावा एडिसन ने चलचित्र टेलीग्राम माइक्रोफोन 1040 आविष्कार किए हैं सारी दुनिया ने उनकी प्रतिभा का लोहा माना है और इसी वजह से उन्हें जीनियस कह कर बुलाया जाता है।
हमारे ख्याल से हमारा स्कूल इस जीनियस बच्चे के हिसाब से बहुत छोटा है और हमारे यहां इतने काबिल टीचर भी नहीं है। एडिशन को उसके बुद्धिमत्ता के हिसाब से ज्ञान दे सके। कुछ सालों बाद एडिशन की मां की मृत्यु हो गई। तब तक थॉमस एडीसन एक महान वैज्ञानिक बन चुके थे।
एक दिन थामस बक्से में पड़ी कुछ पुरानी चीजों को देख रहे थे तभी उनके हाथ में वही टीचर की चिट्ठी लग गई जो बचपन में टीचर ने मां को देने के लिए कहा था। थामस ने जब उसे पढ़ना शुरू किआ तो वह हक्का -बक्का रह गए क्योंकि चिट्ठी में लिखा था आपका बेटा दिमागी तौर पर बीमार है। हमारी टीचर उसे और नहीं पढ़ा सकते हम उसे स्कूल से निकाल रहे हैं कृपया उसे आप घर पर ही पढ़ाना शुरू कर दीजिए।
इस चिट्ठी को पढ़ने के बाद एडिशन बहुत भावुक हुए और उन्होंने उसके बाद एक किताब लिखी और उसमें जिक्र किया थॉमस एडिसन एक मानसिक कमजोर बच्चा था जिसको उसकी मां ने उसे सदी का एक महान वैज्ञानिक बना दिया।
दोस्तों अक्सर ऐसा सच में होता है जब हम किसी इंसान को लगातार उसकी कमियां बताते हैं तो वह इंसान कहीं ना कहीं धीरे-धीरे अपने अंदर के विश्वास को खो देता है और अपनी ताकत को नहीं पहचान पाता आपका बहुमूल्य समय देने के लिए।
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माँ ने कैसे एक पागल बच्चे को सदी का सब से बड़ा अविष्कारक बनाया ?
अब बात करते हैं उस घटना की जिससे उनकी मां ने उन्हें एक वैज्ञानिक बना दिया एक बार थॉमस एडिसन स्कूल से घर पहुंचे और अपनी मां को एक चिट्ठी देते हुए कहा यह चिट्ठी स्कूल से मैडम ने दिया है और कहा है यह चिट्ठी सिर्फ अपनी मां को देना चिट्ठी खोलते ही एडिशन की मां की आंखों से आंसू टपकने लगे एडिसन ने कहा कि रो क्यों रही हो क्या लिखा है चिट्ठी में, माँ ने चिट्ठी को जोर-जोर से पढ़ना शुरू किया और कहा कि बेटा इसमें लिखा है कि आपका बेटा बहुत ही समझदार है।हमारे ख्याल से हमारा स्कूल इस जीनियस बच्चे के हिसाब से बहुत छोटा है और हमारे यहां इतने काबिल टीचर भी नहीं है। एडिशन को उसके बुद्धिमत्ता के हिसाब से ज्ञान दे सके। कुछ सालों बाद एडिशन की मां की मृत्यु हो गई। तब तक थॉमस एडीसन एक महान वैज्ञानिक बन चुके थे।
एक दिन थामस बक्से में पड़ी कुछ पुरानी चीजों को देख रहे थे तभी उनके हाथ में वही टीचर की चिट्ठी लग गई जो बचपन में टीचर ने मां को देने के लिए कहा था। थामस ने जब उसे पढ़ना शुरू किआ तो वह हक्का -बक्का रह गए क्योंकि चिट्ठी में लिखा था आपका बेटा दिमागी तौर पर बीमार है। हमारी टीचर उसे और नहीं पढ़ा सकते हम उसे स्कूल से निकाल रहे हैं कृपया उसे आप घर पर ही पढ़ाना शुरू कर दीजिए।
इस चिट्ठी को पढ़ने के बाद एडिशन बहुत भावुक हुए और उन्होंने उसके बाद एक किताब लिखी और उसमें जिक्र किया थॉमस एडिसन एक मानसिक कमजोर बच्चा था जिसको उसकी मां ने उसे सदी का एक महान वैज्ञानिक बना दिया।
दोस्तों अक्सर ऐसा सच में होता है जब हम किसी इंसान को लगातार उसकी कमियां बताते हैं तो वह इंसान कहीं ना कहीं धीरे-धीरे अपने अंदर के विश्वास को खो देता है और अपनी ताकत को नहीं पहचान पाता आपका बहुमूल्य समय देने के लिए।
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Fact About Thomas Edison - थॉमस एडिसन की ज़िंदगी से जुडी कुछ बातें :
जबरदस्त कामयाबी के बावजूद थॉमस आम लोगों से जुड़े हुए थे उन्होंने कभी भी अपने सफलता का घमंड नहीं किया 1921 में जब उनकी मृत्यु हुई उस दिन उनके सम्मान में पूरे अमेरिका की रोशनी बंद कर दी गई थी थॉमस एडिसन का कहना था अपनी जिंदगी में मैंने एक भी दिन काम नहीं किया यह सब तो मनोरंजन था।
आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हमे उम्मीद है आप को Thomas Edison Biography, Age, Inventions, Family in Hindi - थॉमस एडिसन की जीवनी अच्छी लगी होगी।
आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हमे उम्मीद है आप को Thomas Edison Biography, Age, Inventions, Family in Hindi - थॉमस एडिसन की जीवनी अच्छी लगी होगी।



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